Friday, August 28, 2015

आलू , बैंगन तरकारी भोला बाबा सरकारी - 2

इसी तरह के काव्य अंशों के गूंज और विभिन्न क्षेत्रीय भाषाओँ में शिव-भक्ति की अशीम श्रद्धाओं से ओतप्रोत मनिहारी आज अपनी अलग हीं भव्य रंग में रंगी हुयी है ! चारों ओर बोलबम-बोलबम की गूंज  साथ आज भगवा रंग भक्ति की अनोखी छटा और मनमोहक खुशबु फैला रही है ! आज पूरा मनिहारी अजब, अनोखे रंगो, सुगंधों एवं विविध वेश-भूषाओं वाले शिवभक्तों  से भरा पड़ा है !
फोटोग्राफी-आदर्श श्रीवास्तव 
बिहार के विभिन्न जिलों, पडोसी राज्य पच्छिम बंगाल एवं पडोसी देश नेपाल, भूटान  के कावड़ियों का जत्था शिव उपासना में मनिहारी घाट से गंगा जल लेकर विभिन्न जगहों के लिए प्रस्थान करते हैं ! श्रावण माह के इसी दृष्य को देखकर लोग मनिहारी को छोटी सुल्तानगंज के रूप में जानते हैं ! मुख्यतः मनिहारी घाट से शिव भक्त कांवड़िया बारसोई अनुमंडल अंतर्गत गोरखपुर धाम में जल चढ़ाते हैं एवं अन्य जगहों कटिहार, पूर्णिया, अररिया, किशनगंज, सिलीगुड़ी, मधुबनी, दरभंगा, पच्छिम बंगाल के शिव भक्त जल लेकर अपने-अपने क्षेत्र के शिवालय में चढ़ाते हैं ! 
फोटोग्राफी- मृगेन्द्र कुमार 
                        पुरा मनिहारी कावड़ियों के साथ-साथ पूजा सामग्री के दुकानो से भड़ा-पड़ा है एवं पूरा माहौल मेलामय बना हुआ है ! हिन्दू-मुस्लिम सभी पूजा सामग्री के कार्यों में एक-दूसरे का सहयोग कर कावड़ियों को सुविधा प्रदान कर रहे हैं !
                          प्रसाशन की ओर से काफी अच्छी व्यवस्था की गयी है ! घाट में सुरक्षा व्यवस्था,,यातायात साधनो को व्यवस्थित ढंग से लगवाने की व्यवस्था आदि में योगदान देखी जा सकती है ! प्रसाशन जहाँ अपना पूरा योगदान दे रही  हैं तो वहीँ जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय बुद्धिजीवी कहाँ पीछे हटने वाले हैं, सभी अपना पूरा समय और उपस्थिति दर्ज करवा रहें हैं !
                     विभिन्न संस्थाओं, स्थानीय बुद्धिजीवी, सामाजिक कार्यकर्ताओं के द्वारा विभिन्न स्थानो पर चाय, नास्ता, सरबत, गर्म पानी, प्राथमिक चिकित्सा एवं  स्थानीय एवं बाहरी कलाकारों के द्वारा रात्रि जागरण आदि कि व्यवस्था की गयी है ! रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन में कावड़ियों की भीड़ देखकर मालुम पड़ता है की हम मेले में हैं ! आज लाखो की संख्या में कावड़िया ट्रेन, बस, ओटो से मनिहारी आये एवं जल उठा कर अपने-अपने क्षेत्रीय शिवालयों के लिए प्रस्थान किया ! 

                                                                                            आलेख 
                                                                             मृगेन्द्र कुमार एवं टिंकू कुमार 


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3 comments:

  1. मनिहारी श्री कृष्ण और श्री जामवंत का मल युद्ध का करू क्षेत्र रहा है।श्री जामवंत अपने पुत्री के साथ मनिहारी मे रहा करते थे।रामायण के समय से ही श्री जामवंत जी की एक ही इच्छा थी। प्रभु श्रीराम के साथ मल युद्ध करने का ऐ प्रस्ताव प्रभु श्रीराम के पस भी उन्होंने रखा था प्रभु श्रीराम ने प्रस्ताव माना कहा जामवंत जी आप से मल युद्ध होगा मगर रामावतार मे नही आपको इंतजार करना होगा आपको आपकी इच्छा कृष्णावतार मे पूर्ण होगा ।

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